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    सीआरसी सिक्किम-पीएमडीके ने 3 दिसंबर 2025 को सिक्किम के नामची जिले में एक विशाल वितरण शिविर का आयोजन किया।

    Publish Date : जनवरी 9, 2026
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    सीआरसी सिक्किम–पीएमडीके द्वारा 3 दिसंबर 2025 को नामची ज़िला, सिक्किम में मेगा वितरण शिविर का आयोजन

    भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अंतर्गत दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के अधीन, समग्र क्षेत्रीय केंद्र (सीआरसी) सिक्किम–पीएमडीके, गंगटोक द्वारा 14 से 21 नवंबर 2025 तक नामची ज़िला, सिक्किम में एक मेगा वितरण शिविर का सफल आयोजन किया गया। यह शिविर सिक्किम राज्य सहकारी संघ (सिकुन) के संयुक्त सहयोग से आयोजित किया गया, जो समावेशी विकास एवं सामाजिक कल्याण की दिशा में सशक्त साझेदारी को दर्शाता है।

    कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन श्रीमती राज कुमारी थापा, माननीय उपाध्यक्ष, सिक्किम विधान सभा द्वारा मुख्य अतिथि के रूप में किया गया। इस अवसर पर श्री मंगलजीत राय, अध्यक्ष, सिकुन की गरिमामयी उपस्थिति रही। साथ ही वरिष्ठ अधिकारी, स्थानीय निकायों के प्रतिनिधि, सीआरसी के पेशेवर, स्वयंसेवक तथा नागरिक समाज के सदस्य भी उपस्थित थे।

    सप्ताहभर चले इस शिविर के दौरान दिव्यांगजनों एवं वरिष्ठ नागरिकों के लिए सहायक उपकरणों एवं कृत्रिम अंगों का आकलन, फिटिंग तथा वितरण किया गया, जिसका उद्देश्य उनकी कार्यात्मक स्वतंत्रता, गतिशीलता तथा समग्र जीवन गुणवत्ता में सुधार करना था। इस पहल ने विशेष रूप से राज्य के दूरस्थ एवं वंचित क्षेत्रों में जमीनी स्तर तक लाभार्थियों तक पहुँच बनाने की सीआरसी सिक्किम–पीएमडीके की प्रतिबद्धता को पुनः स्थापित किया।

    कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण लगभग 750 से अधिक प्रतिभागियों द्वारा “वंदे मातरम्” का सामूहिक गायन रहा, जो भारत के राष्ट्रीय गीत की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया। इस क्षण ने एकता, देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव की भावना को सुदृढ़ किया।

    समावेशी जनसंपर्क गतिविधियों की निरंतरता में, सीआरसी सिक्किम–पीएमडीके, गंगटोक द्वारा पाक्योंग ज़िला के नामचेबोंग जीपीयू में दिव्यांगजन सशक्तिकरण अंतरराष्ट्रीय दिवस (आईडीपीडी) के अवसर पर आकलन-सह-वितरण शिविर का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जिले के दिव्यांगजनों एवं वरिष्ठ नागरिकों के लिए आयोजित किया गया, जिसमें आवश्यकताओं की शीघ्र पहचान, उपयुक्त सहायक उपकरणों की उपलब्धता तथा दिव्यांग अधिकारों, पुनर्वास सेवाओं एवं सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता पर विशेष बल दिया गया।

    ये पहलें सुगम्य भारत अभियान की राष्ट्रीय परिकल्पना के अनुरूप सशक्तिकरण, सुगमता एवं समावेशन की दिशा में सीआरसी सिक्किम–पीएमडीके के सतत प्रयासों को दर्शाती हैं तथा दिव्यांगजनों एवं वरिष्ठ नागरिकों के लिए गरिमा एवं समान अवसर सुनिश्चित करने के व्यापक लक्ष्य को सुदृढ़ करती हैं।