सीआरसी सिक्किम और आईसीएआर सिक्किम केंद्र ने ‘विश्व बौनापन दिवस’ मनाने के लिए हाथ मिलाया।
**हिंदी अनुवाद:**
**सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय**
**आजादी का अमृत महोत्सव**
**सीआरसी सिक्किम और आईसीएआर सिक्किम केंद्र ने ‘विश्व बौनेपन दिवस’ मनाने के लिए मिलाया हाथ**
**लुम गोर सांगटोक जीपीयू, मंगन जिला में जागरूकता एवं सहायक उपकरण वितरण कार्यक्रम आयोजित**
प्रविष्टि तिथि: 27 अक्टूबर 2025, अपराह्न 4:39 बजे | पीआईबी गंगटोक
दिव्यांगजनों के कौशल विकास, पुनर्वास एवं सशक्तिकरण हेतु समग्र क्षेत्रीय केंद्र, सिक्किम (सीआरसी, सिक्किम), जो एनआईएलडी कोलकाता के प्रशासनिक नियंत्रण में है, ने भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत आईसीएआर, गंगटोक के साथ संयुक्त रूप से 25 अक्टूबर 2025 को सिक्किम के सबसे दूरस्थ क्षेत्रों में से एक, लुम गोर सांगटोक जीपीयू, मंगन जिला, सिक्किम में ‘विश्व बौनेपन दिवस’ मनाया।
इस कार्यक्रम में श्रीमती पुष्पांजलि गुप्ता, निदेशक, सीआरसी सिक्किम तथा श्री चा. सोबोई ऐमोल, प्रोस्थेटिस्ट एवं ऑर्थोटिस्ट, सीआरसी सिक्किम; आईसीएआर गंगटोक से डॉ. सौरव साहा, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं नोडल अधिकारी, जनजातीय उप योजना (टीएसपी) तथा डॉ. अमित कुमार, वैज्ञानिक (वरिष्ठ श्रेणी–एग्रोनॉमी); और लुम गोर सांगटोक, लोअर जोंगू, मंगन, सिक्किम से सुश्री डोमा लेपचा, गोर वार्ड पंचायत, तथा पेमकिट लेपचा, सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे।
श्रीमती पुष्पांजलि गुप्ता, निदेशक, सीआरसी सिक्किम ने किसानों से युक्त सभा को संबोधित किया और उनकी उपस्थिति के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने सीआरसी सिक्किम में दिव्यांगता से संबंधित जागरूकता कार्यक्रमों के आयोजन हेतु मंच उपलब्ध कराने के लिए डॉ. ललित नारायण, निदेशक, एनआईएलडी, कोलकाता के प्रति आभार व्यक्त किया। साथ ही, कार्यक्रम के लिए सीआरसी सिक्किम के साथ सहयोग करने हेतु डॉ. अशोक कुमार, क्षेत्रीय केंद्र प्रमुख, आईसीएआर एनईएच सिक्किम केंद्र को भी धन्यवाद दिया।
कार्यक्रम के दौरान 60 वर्ष से अधिक आयु के किसानों को आवश्यकता-आधारित सहायक उपकरण जैसे व्हीलचेयर, घुटने के ब्रेस, एलएस बेल्ट तथा चलने की छड़ें वितरित की गईं। इसके अतिरिक्त, मंगन जिला, सिक्किम के ग्याथांग एवं पेंथांग वार्ड, तिंगवोंग में दिव्यांग बच्चों को 3 सीपी कुर्सियां प्रदान की गईं। कार्यक्रम के दौरान कुल 65,200 रुपये मूल्य के सहायक उपकरण वितरित किए गए।
श्री चा. सोबोई ऐमोल, पी एंड ओ, सीआरसी सिक्किम ने राष्ट्रीय वयोश्री योजना (आरवीवाई) के बारे में जागरूकता फैलाई, जो आयु-संबंधी दिव्यांगताओं/दुर्बलताओं जैसे कम दृष्टि, श्रवण बाधिता तथा लोको-मोटर दिव्यांगता से पीड़ित वरिष्ठ नागरिकों को सहायक जीवन उपकरण प्रदान करती है, ताकि उनके शारीरिक कार्यों में लगभग सामान्य स्थिति बहाल की जा सके। उन्होंने दिव्यांग व्यक्तियों को सहायता योजना (एडीआईपी) के बारे में भी जानकारी दी, जिसका मुख्य उद्देश्य जरूरतमंद दिव्यांग व्यक्तियों को टिकाऊ, उन्नत तथा वैज्ञानिक रूप से निर्मित, आधुनिक एवं मानक सहायक उपकरणों/उपकरणों की खरीद/फिटिंग में सहायता प्रदान करना है, जिससे दिव्यांगता के प्रभावों को कम कर उनके शारीरिक, सामाजिक एवं मनोवैज्ञानिक पुनर्वास को बढ़ावा मिले तथा उनकी आर्थिक क्षमता में वृद्धि हो सके। ये दोनों पहलें दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग (डीईपीडब्ल्यूडी), सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार की हैं।















